जीवन - परिचय

परम पूज्यनीय कुशवाहा जी परम पूज्यनीय राम सनेही कुशवाहा जी का जन्म प्रथम जनवरी 1952 में ग्राम सहियापुर पत्रालय - रामपुर - मझिला परगना तिर्वा जनपद फर्रुखाबाद (कन्नौज) में हुआ था इनके पिता का नाम स्व० रामस्वरूप व माता का नाम रामवती था | बचपन में ही उनकी माता का देहावसान हो गया | इनका लालन - पालन इनकी चाची श्रीमती रामप्यारी ने किया | आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण परम पूज्यनीय पिता जी ने शिक्षा ग्रहण करने के लिए प्रा० पा० रामपुर में कक्षा 1 में प्रवेश कराया 1963-64 में कक्षा 5 उत्तीर्ण करके स० प० इ० का० कचाटीपुर में कक्षा 6 में प्रवेश लिया | कक्षा 8 उत्तीर्ण करके आर्थिक स्थिति सही न होने के कारण अपने ननिहाल ग्राम गहिलापुर पो० खानपुर, जिला कानपुर में स्व० सुन्दर लाल के यहाँ चले गये वहाँ कक्षा 9 में गाँधी विद्यालय इण्टर कालेज झींझक में प्रवेश लिया जहाँ अगस्त माह में कक्षा से नाम शुल्क न देने पर पृथक किया गया | पत्पश्चात् कक्षा 9 में स्मिप्स्थ्विद्यालय श्री बालगोविन्द हा० से० स्कूल प्रयागपुर, खानपुर में प्रवेश लिया | 1968-69 में जुलाई में ननिहाल से वापस आकर व्यक्तिगत हाईस्कूल परीक्षा फार्म स० प० इ० का० कचाटीपुर, फर्रुखाबाद से भरा जिसमें द्वितीय श्रेणी में विशेष योग्यता से उत्तीर्ण हुए |

आर्थिक समस्याओं से जूझते हुए शिक्षा के प्रति अटूट श्रद्धा रखने वाले परम पूज्यनीय रामस्नेही जी ने कक्षा 11 में डी०एन० कालेज एवं ए०के० स्कूल तिर्वा में प्रवेश लिया लेकिन शुल्क मुक्ति न होने से अध्ययन से विरत होना पड़ा | अन्त में श्री प्रेमबन्धु द्विवेदी जी की विशेष अनुकम्पा से पुन: स० प० इ० का० कचाटीपुर में प्रवेश मिला शुल्क मुक्ति का सहारा देने से कक्षा 12 तक अध्ययन किया उनकी विशेष कृपा से 1971 में कक्षा 12 उत्तीर्ण कर लिया |

शिक्षा के अभाव को देखते हुए ग्राम सहियापुर में एक प्राइमरी स्तर का विद्यालय खोला गया | जिसमें शिक्षण कार्य किया | शिक्षण कार्य के दौरान जांच करने आये श्री राम नरेश मिश्र, महानारायण मिश्र व वेचुराम जातव प्रति उपविद्यालय निरीक्षक जनपद फर्रुखाबाद बी०टी०सी० प्रशिक्षण हेतु फतेहगढ़ ले गये | वर्ष 1972-73 में बी०टी०सी० परीक्षा उत्तीर्ण की | आदर्श विद्यालय सहियापुर में पुन: शिक्षण कार्य किया | तत्पश्चात मार्च 1978 में प्रा० पा० ककरह में नियुक्त हुए | शिक्षा के प्रति अटूट श्रृद्धा एवं लगन के कारण आदर्श विद्यालय सहियापुर को इण्टर स्तर तक शासन से मान्यता लेकर क्षेत्र में शिक्षा के अभाव को पूरा किया | शिक्षा की ज्योति जलाने वाले पूज्यनीय कुशवाहा के पूज्यनीय पिता जी ने प्रा० पा० सहियापुर हेतु भूमि का वैनमा कर दिया |

आदर्श विद्यालय सहियापुर में पुन: शिक्षण कार्य किया | तत्पश्चात मार्च 1978 में प्रा० पा० ककरह में नियुक्त हुए | शिक्षा के प्रति अटूट श्रृद्धा एवं लगन के कारण आदर्श विद्यालय सहियापुर को इण्टर स्तर तक शासन से मान्यता लेकर क्षेत्र में शिक्षा के अभाव को पूरा किया | शिक्षा की ज्योति जलाने वाले पूज्यनीय कुशवाहा के पूज्यनीय पिता जी ने प्रा० पा० सहियापुर हेतु भूमि का वैनमा कर दिया | आदर्श विद्यालय सहियापुर हेतु जमीन अन्यत्र खरीदी | शिक्षा के विकास हेतु इन्होने 1988-89 में नारायण डिग्री कालेज की स्थापना की | किन्ही परिस्थितियों वश मान्यता मिलने में विलम्ब हुआ और डिग्री कालेज सपना बन गया | पूज्यनीय कुशवाहा ने पुन: गौतम बुद्ध डिग्री कालेज सहियापुर गौतम बुद्ध महाविद्यालय की स्थापना की व भूमि पूज्यनीय राधरानी ने गौतम बुद्ध डिग्री कालेज सहियापुर व गौतम बुद्ध बालिका डिग्री कालेज कन्नौज को भूमि मानक के अनुसार वैनामा कर दिया जिसके फलस्वरूप पारिवारिक विवाद उत्पन्न हुआ फिर भी चिंता न करके तन मन धन से सहयोग दिया जिसके फलस्वरूप काफी समस्याओं के बाद गौतम बुद्ध गर्ल्स डिग्री कालेज हेतु 14 जून 2002 को महामहिम राज्यपाल, विष्णु कान्त शास्त्री द्वारा मान्यता प्रदान की गई |

पूज्यनीय कुशवाहा जी का सपना पूरा हुआ और 4-7-2001 को स०अ० से प्रोन्नति होकर प्रधानाध्यापक पद पर प्रा०पा० हिम्मतपुर में कार्यरत हुये | पूज्यनीय कुशवाहा जी एवं पूज्यनीय राधारानी की प्रबल इच्छा है कि भविष्य में गौतम बुद्ध महाविद्यालय सहियापुर मझिला, कन्नौज को स्नातक / परास्नातक स्तर पर कला संकाय, विज्ञान संकाय एवं शिक्षा संकाय के छात्र, छात्राओं के लिये योगदान देते रहेंगे और तब तक प्रयासरत रहेंगे जब तक यह प्रबल इच्छा पूरी नहीं होगी | सभी क्षेत्रवासी व विद्यालय परिवार पूज्यनीय एवं पूज्यनीय की शुभ कामनाओं को पूरा करने के लिये सदवचन एवं सद्व्यवहार से समर्पित है कि इनका सम्पूर्ण जीवन शिक्षा जगत में सदैव सद्बुद्धि से प्रयासरत बना रहे हम सब लोग सदैव इनके योगदान के ऋणी रहेंगे |

कुशवाहा जी की अभिलाषा यह है कि हमारा सम्पूर्ण जीवन इस शिक्षा जगत में अर्पण हो सके |